Ticker

6/recent/ticker-posts

Mulayam singh Yadav: मुलायम सिंह कैसे बने पहलवान से मुख्यमंत्री


आज समाजवादी पार्टी के संस्थापक और संरक्षक मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूपी के 3 बार मुख्यमंत्री और 1 बार देश के रक्षामंत्री रहे मुलायम सिंह यादव कभी अखाड़े में पहलवानी के दांव-पेंच लगाते थे। 


मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक सफर 

 पहली बार साल 1967 में अपने गृह जनपद इटावा की जसवंतनगर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे, उस समय उनकी उम्र सिर्फ 28 साल थी। इसके बाद से वो लगातार साल 1974, 1977, 1985, 1989, 1991, 1993 और 1996 में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचते रहे। इसी दौरान साल 1977 में वे पहली बार उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी बने। इमरजेंसी के दौरान जेल जाने वाले मुलायम के जीवन का अहम पड़ाव साल 1989 में सामने आया, जब उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री की गद्दी संभाली। मुलायम सिंह 1985-87 तक जनता दल के अध्यक्ष भी रहे। जबकि 1980 में लोकदल के अध्यक्ष पद की कुर्सी भी संभाली। मुलायम ने साल 1992 में समाजवादी पार्टी की नींव रखी और अगले ही साल यानी 1993 में दूसरी बार यूपी के सीएम बने।

मुलायम सिंह का जन्म

मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवम्बर 1939 को इटावा जिले के सैफई गाँव में मूर्ति देवी व सुधर सिंह यादव के किसान परिवार में हुआ। मुलायम सिंह यादव अपने पाँच भाई-बहनों में रतनसिंह यादव से छोटे व अभयराम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव, राजपाल सिंह और कमला देवी से बड़े हैं। प्रोफेसर रामगोपाल यादव इनके चचेरे भाई हैं। पिता सुधर सिंह उन्हें पहलवान बनाना चाहते थे किन्तु पहलवानी में अपने राजनीतिक गुरु चौधरी नत्थूसिंह को मैनपुरी में आयोजित एक कुश्ती-प्रतियोगिता में प्रभावित करने के पश्चात उन्होंने नत्थूसिंह के परम्परागत विधान सभा क्षेत्र जसवन्त नगर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। राजनीति में आने से पूर्व मुलायम सिंह यादव आगरा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (एम०ए०) और बी० टी० करने के उपरांत इन्टर कालेज में प्रवक्ता नियुक्त हुए और सक्रिय राजनीति में रहते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया।

- हितेश मिश्रा

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ