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उत्तर-प्रदेश: वसीम रिजवी ने छोडा़ इस्लाम, जितेंन्द्र नारायण रखा नया नाम



उत्तर-प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने इस्लाम छोड़ हिन्दू धर्म अपना लिया है.


वसीम रिजवी ने गाजियाबाद में जूना अखाडे़ के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरी की अध्यक्षता में सनातन धर्म में प्रवेश किया है. इसके बाद उनका नया नामकरण हुआ है. उन्होंने अपना नाम बदलकर जितेंन्द्र नारायण सिंह त्यागी रखा है.


रिजवी ने गाजियाबाद के डासना मंदिर पहुंचकर कहा, जब मुझे इस्लाम से निष्कासित ही कर दिया है, तो ये मुझे आजादी है, कि मैं किस धर्म को स्वीकार करूं सनातन धर्म को मैंने इसलिए चुना, क्योंकि ये दुनिया का सबसे पुराना धर्म है.

वसीम के हिन्दू धर्म में प्रवेश करने के बाद, उनका शुध्दिकरण किया गया, हवन यज्ञ भी किया गया. सारे धार्मिक अनुष्ठान नरसिंहानंद गिरी की अध्यक्षता में किये गये.


बताई अपनी अंतिम इच्छा


5 दिसंबर को मंदिर पहुंचे वसीम रिजवी ने नरसिंहानंद गिरि से कहा, उनका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति–रिवाजों के अनुरूप ही किया जाये. साथ ही वह मंदिर में पूजा–अर्चना करके भी गये.


विवादों से रहा है नाता


वसीम रिजवी अपने किसी न किसी बयान से मौलवियों के निशाने पर रहते हैं.  वे मूलरूप से लखनऊ से हैं. इससे पहले वह लखनऊ के मोहल्ला कश्मीरी वार्ड से सपा के नगरसेवक भी रह चुके हैं. 2008 में वह वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बनाये गये.

वसीम रिजवी ने कुरान से 26 आयतों को हटाने के लिये, याचिका दाखिल की थी, उनकी इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. और उनपर जुर्माना भी लगाया था.


वहीं हाल ही में वो अपनी पुस्तक मोहम्मद से भी सुर्खियों में रहे थे. इसपर मुस्लिम धर्मगुरूओं ने कडी़ प्रतिक्रिया दी, और कहा, रिजवी ने पुस्तक में पैंगबर साहब का अपमान किया है. इसके बाद वसीम रिजवी ने अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी.


~ Aashish Singh

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