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Russia Ukraine War: UNSC की बैठक में भारत का युद्धविराम का आह्वान

 


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हालिया बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति ने भारत का पक्ष रखा। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि हम सभी पक्षों के लिए अत्यंत संयम बरतने और राजनयिक प्रयासों को तेज करके अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं ताकि जल्द से जल्द एक सौहार्दपूर्ण समाधान निकल सके।


तिरुमूर्ति ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 दिनों के भीतर करीब 15 लाख से ज्यादा शरणार्थियों ने यूक्रेन के पड़ोसी देशों में शरण ली हैं।

तिरुमूर्ति ने कहा, ‘हमने भारतीयों सहित सभी देशों के नागरिकों के लिए एक सुरक्षित मार्ग की अपनी तत्काल मांग को दोहराया है। हम इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि दोनों पक्षों से बार-बार अपील करने के बाद भी, सुमी में फसें भारतीय छात्रों के लिए एक सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया है।’ 


प्रतिनिधि ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार, अब तक 140 से ज्यादा नागरिक इस जंग में मारे जा चुके हैं। इनमें एक भारतीय छात्र भी शामिल है। भारत मृत छात्र के निधन पर शोक व्यक्त करता है। हम उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। इस संघर्ष में हर नागरिक के नुकसान पर हम शोक व्यक्त करते हैं।’


उन्होंने कहा, ‘भारत सभी शत्रुताओं को तुरंत खत्म करने का आह्वान बार-बार करता रहा है। हमारे प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोनों पक्षों के नेतृत्व से बात की और तत्काल युद्धविराम के लिए हमारे आह्वान को दोहराया है और दोनों पक्षों को बातचीत के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया है।’


उन्होंने कहा कि "हम यूक्रेन से 20,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापसी की सुविधा प्रदान करने में सफल रहे हैं। यही नहीं भारत ने अन्य देशों के नागरिकों को उनके अपने देशों में लौटने में भी मदद की है। हम आने वाले दिनों में भी ऐसा मानवीय मदद करने के लिए तैयार रहेंगे।


तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को मानवीय आपूर्ति पहले हीं भेज चुका है। मदद के रूप में  दवाएं, टेंट, पानी के भंडारण टैंक, अन्य राहत सामग्री भेजे जा चुके हैं। भारत अन्य आवश्यकताओं की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराने की प्रक्रिया में हैं।

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