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मदर्स डे पर मां को दें अच्छी सेहत का उपहार


 


नई दिल्ली: दुनिया की हर मां के सम्मान में मदर्स डे मनाया जाता है। कहा जाता है कि एक मां किसी की भी जगह ले सकती है, लेकिन कोई मां की जगह नहीं ले सकता। इस मदर्स डे पर अपनी मां को अच्छी सेहत का उपहार दें। इससे मूल्यवान उनके लिए कुछ नहीं हो सकता है।


दिल्‍ली के रोजवॉक हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्‍टेंट, गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर लवलीना नादिर ने कहा कि महिलाओं में मासिक धर्म, फर्टिलिटी, फिजिकल व मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। बढ़ती उम्र में बेहतर मेडिकल गाइडेंस जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच से बीमारियों का समय रहते पता चलता है और समय पर इलाज से बीमारी जल्द ठीक होती है। उन्‍होंने कहा कि एक जिम्मेदार बच्चे के रूप में आपको भी बढ़ती उम्र में अपनी मां को प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। 


प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप से बीमारियों को शुरुआती स्टेज पर ही रोकने में मदद मिलती है। इससे दवाओं की जरूरत कम पड़ती है। इससे व्यक्ति को समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव करने का संकेत भी मिलता है। इस तरह की जांच में गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना, पेट व निचले हिस्से का अल्ट्रासाउंड कराना, ब्लड शुगर पर नजर रखना, किडनी फंक्शन व लिवर फंक्शन टेस्ट, विटामिन डी व बी 12 की जांच तथा थायरायड की जांच आदि शामिल हैं। 


डॉ. लवलीना ने लिपिड प्रोफाइल टेस्‍ट, ईसीजी व टीएमटी जैसी कार्डियक स्‍क्रीनिंग, स्तन कैंसर की जांच के लिए मैमोग्राफी व अन्‍य कैंसर की स्‍क्रीनिंग का भी सुझाव दिया। उन्‍होंने कहा कि 40 से 44 साल की महिलाओं को साल में एक बार ब्रेस्‍ट स्क्रीनिंग करानी चाहिए। इसी तरह 45 से 54 साल की महिलाओं को साल में एक बार मैमोग्राफी करानी चाहिए। सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के पैप स्‍मियर और एचपीवी टेस्‍ट कराया जा सकता है। 65 की उम्र की ऐसी महिलाएं, जिन्होंने पिछले 10 साल नियमित तौर पर जांच कराई है, उन्‍हें इसके बाद सर्वाइकल कैंसर की स्‍क्रीनिंग की जरूरत नहीं रहती है। डॉ. लवलीना ने उम्र के हिसाब से बोन डेंसिटी व अन्‍य स्‍क्रीनिंग कराने का भी सुझाव दिया।

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