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ज़मीनी स्तर की समस्याओं का समाधान युवा ही कर सकते है: जगदीश कुमार

 



नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो.जगदीश कुमार ने कहा है कि अगर देश के समस्याओं का समाधान निकालना है। तो आज के युवाओं को स्थानीय स्तर की समस्याओं को समझना और जानना होगा। ताकि वो भविष्य में नीतियों का निर्धारण कर सकें। इंडिया इंटर्नेलन सेंटर में "सेवा इंटरनेट के फेलोशिप"के उद्घाटन के अवसर पर प्रो. कुमार बात कर रहे थे।आप को बता दे कि  कि हाल के दिनों में यूजीसी ने इंटर्नशिप प्रोग्राम को ग्रेजुएशन स्तर पर अनिवार्य किया है। हम युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर कार्यकर रहे है। 


फेलोशिप और इंटर्नशिप छात्रों को निखारता है।वो स्थानीय स्तर की समस्याओं को देखे और समझे। जब शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से छात्रों को यह अवसर प्रदान किया जाएगा तो उसे अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा ही मानेंगे। इस लिए यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को छात्रों के सामाजिक और परियोजना मूलक कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा है। 


उन्होंने यह भी कहा कि यह "सेवा फेलोशिप" बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है। इस फेलोशिप में जैसा कि हमने देखी है कि सामाजिक संस्थाओं के साथ -साथ ऐसे युवाओं की एक टीम बनाई जाएगी। जो समस्याओं तक ही सीमित नहीं होंगे। यह फेलो समस्याओं का समाधान में निकालेंगे। जिसकी आज जरूरत है। हम कब तक समस्याओं पर बात करते रहेंगे। हमें समस्याओं के समाधान के लिए देश के युवाओं को अवसर प्रदान करना होगा।सेवा का यह फेलोशिप यह अवसर प्रदान कर रहा है। भविष्य में यहीं युवा समाज के लिए निर्णायक नीतियां बनाएंगे।जिससे समाज को देश का भला हो सकें।

 

वहीं कार्यक्रम में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव ने कहा कि आज सामाजिक संगठनों और युवाओं को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। आज के युवाओं को अपने समाज की समस्याओं का खुद समाधान निकालना होगा। अपने जमीनी स्तर की मूलभूत समस्याओं को समझना होगा। 


आज के युवाओं में यह क्षमता है कि वो अपने समस्याओं का समाधान तत्काल निकाल सकें। हमें उन्हें अवसर प्रदान करना होगा। आज सेवा इंटरनेस ने जिस प्रकार से फेलोशिप का निर्माण किया है। यह युवा और हमारे जैसे सामाजिक संगठनो के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। हमारे जैसे सामाजिक संगठनों के लिए ये अच्छा अवसर है। 


फेलोशिप के माध्यम से युवा हमारे कार्यों को समझेंगे और जानेंगे और हमारे कार्यों की क्या जरूरत है। उसको वो समझने और जहां सुधार की गुंजाइश होंगे ,वो हमें बताएंगे और हम सब मिलकर समस्याओं का समाधान निकाल पाएंगे।

 

वही कार्यक्रम में सेवा  इंटर्नेलन के सचिव श्याम परांदे ने कहा कि सेवा फ़ेलोशिप भारत के भविष्य की जरूरतों और उसके समाधान पर हुए गहन चिंतन का परिणाम है। नए भारत में समस्याओं को हल करने के लिए  नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।


इसी कार्य को सेवा इंटनेशल करना चाहता है।सेवा फ़ेलोशिप  के साथ हमारा लक्ष्य भविष्य के लिए नए विचारो के साथ एक ऐसे युवा साधकों की टीम बनानी है, जो  बदलते भारत की बदलाव यात्रा का सारथी और साक्षी दोनों बन सके। भविष्य में हमे समुदाय आधारित विकास तंत्र की आवश्यकता है।


जो खुद में सतत विकास की स्थिरता और बड़े सोच पर आधारित रहे। हमे ऐसे नए तंत्रों के साथ जमीनी स्तर पर कार्यरत युवाओ की तलाश हैं, जो स्वयं जागरूक और उद्देश्यपूर्ण सोच रखते हों। सेवा फेलोशिप में, हम फेलो को उनके कार्यक्षेत्र के ज्ञान के साथ साथ उनको सामुदायिक विकास की जागरूकता के प्रशिक्षण देंगे। 


सेवा फेलोशिप खुद अपने आप में एक ऐसा निवेश है जो हम भारत के युवाओ की सोच को प्रभाविक करने जा रहे है जो खुद को राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करना चाहते हैं और  जमीनी स्तर से नए भारत की रचना करना चाहता हो जो आत्मनिर्भर, स्वाबलंबी, और बदलाव के लिए तैयार खड़ा रहे।


इस कार्यक्रम में सेवा इंटनेशल के अध्यक्ष अशोक गोयल, यूथ फ़ॉर सेवा के वेंकटेश मूर्ति,डॉ आर बालासुब्रमण्यम।निशांत अग्रवाल,कुमार शुभम, अभिषेल कुमार, शुभम शर्मा ,प्रियंका शर्मा,स्वाति राम मौजूद रही।

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