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बिहार: महागठबंधन की सरकार में नीतीश कुमार लेंगे सीएम की शपथ व तेजस्वी यादव लेंगे डिप्टी सीएम की शपथ



पटना: बिहार में एनडीए का गठबंधन टूट गया और अब महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। तेजस्वी यादव ने देश के विपक्षी दलों को बड़ी सीख दी है।


राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने बिहार में खेला करने के बाद देश के विपक्षी बलों को बड़ी सीख दी है। बिहार में महागठबंधन की फिर से सरकार बनने जा रही है और नीतीश कुमार दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। नीतीश कुमार की जेडीयू अब बीजेपी का साथ छोड़कर आरजेडी, कांग्रेस, वाम दलों संग सरकार का गठन कर रही है। तेजस्वी यादव ने मंगलवार को कहा कि यह कदम देश के तमाम विपक्षी दलों को एक बड़ा संदेश है। हमने दिशा दिखाई है। बीजेपी डर की राजनीति करती है, लेकिन हमें डरना नहीं है।


तेजस्वी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप मजबूती के साथ खड़े होते हैं तो जनता भी आपके साथ रहती है। जनता के मुद्दे पर बिना डरे खड़े हों, तो पूरा देश आपके साथ खड़ा हो सकता है। विपक्ष को एकजुट रहने की जरूरत है। पूरे देश में बीजेपी जो एजेंडा चला रही है, वो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। बीजेपी का उद्देश्य सिर्फ डराकर अपना काम करना है। जो डरता है, उसे डराओ और जो बिकता है उसे खरीदो।


बिहार में आखिरकार सियासी फेरबदल हो गया। नीतीश कुमार ने नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल से हाथ मिलाया है। दिल्ली की राजनीति में भी खास जगह रखने वाले बिहार में यह घटनाक्रम अचानक हुआ नहीं दिख रहा है। कहा जा रहा है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच नजदीकियां बीते कुछ समय से बढ़ती देखी जा रही थीं।


बीते साल नीतीश राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। 10 दलों के प्रतिनिधिमंडल के अलावा उनके साथ तेजस्वी भी थे। उस दौरान राजधानी में दोनों नेताओं के बीच सौहार्द देखने मिला। पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी वह नीतीश के साथ रहे और सीएम ने उन्हें बोलने का भी मौका। हालांकि, कई दलों के साथ होने के चलते इसके सियासी मायने नहीं निकल सके।


इस साल इफ्तार पार्टी में नीतीश ने तेजस्वी का काफी गर्मजोशी से स्वागत किया। इतना ही नहीं वह राजद नेता को गेट तक छोड़ने भी पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दौरे और इफ्तार पार्टी के दौरान दोनों नेता 'जातिगत जनगणना पर चर्चा' के लिए आमने सामने बैठक की थी।

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